Archive for the ‘हिंदी में आलेख पढने के लिए यंहा क्लिक करें.’ Category

परिणाम आधारित और विज्ञान सम्मत्त है वास्तुशास्त्र

Posted on November 3rd, 2010 by R K Sutar

डॉ. अर्नेस्ट हर्टमन ने अनुसंधान करके पुष्टि की कि पृथ्वी की सतह से उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम की ओर उर्जा रेखाएं उभरती हैं जिन्हें उन्होंने बीईएम (बायो इलेक्ट्रो मेग्नेटिक फील्ड) का नाम दिया और प्रमाणित किया कि किसी भी जीव के शरीर की कोशिका अपनी स्वयं की वायब्रेटरी फंडामेंटल फ्रीक्वेंसी के कारण एक रेडियो रिसीवर की भांति कार्य करती है और वह बीईएम से प्रभावित हुए बिना नहीं रह सकती. वास्तुनुरुप निर्माण की स्थिति में भवन का बीईएम पूर्णरूप से संतुलित रहता है तथा निवास करने वाले की कोशिकाओं का बीईएम से सामंजस्य रहने के कारण वह सुकून और शांति का अनुभव करता है.

भारत की अनुपम देन है वास्तुशास्त्र

Posted on August 17th, 2010 by R K Sutar

हजारों वर्ष पूर्व भारतीय ऋषि-मनीषियों के व्यापक अनुसन्धान से सृजित वास्तुशास्त्र प्राचीनतम उपलब्ध विज्ञानों में से एक है तथा पूरे विश्व को भारत की एक अनुपम देन है जो जाति, धर्म और देश की सीमाओं से उठकर मानवमात्र का कल्याण करने को कटिबद्ध है. आधुनिक आर्किटेक्चरल विज्ञान किसी भी भवन को सुन्दर और सुविधाजनक बनाने [...]